आदिवासी एकता आणि सशक्तीकरणाचा मार्ग: जोहार रेडिओ वाहिनी

आदिवासी एकता आणि सशक्तीकरणाचा मार्ग: जोहार रेडिओ वाहिनी


आदिवासी एकता परिषद आयोजित 32 व्या आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासंमेलन धुळे जिल्ह्यातील पानखेडा येथे मोठ्या उत्साहात पार पडले. देश-विदेशातील मान्यवर, आदिवासी समाजबांधव, आणि कलाकारांचा या कार्यक्रमात सहभाग होता. विविध स्टॉल्समधून आदिवासी भागातील जीवनशैली आणि संस्कृतीचे दर्शन घडवले गेले. या सर्व गडबडीत, मला विशेषत्वाने महत्त्वाचा वाटलेला स्टॉल म्हणजे जोहार रेडिओ वाहिनीचा स्टॉल.


सचिन सातवी यांच्या ओळखीने मला ब्रिजेश भुसारा यांच्याशी संवाद साधण्याची संधी मिळाली. ब्रिजेश यांनी दिलेल्या माहितीने आदिवासी समाजासाठी या रेडिओ वाहिनीचे महत्त्व समजले. यामुळेच आदिवासी समाजाचा एक जबाबदार घटक म्हणून मला या विषयावर लिहावेसे वाटले.



"आदिवासी सशक्तीकरणासाठी नवी दिशा – जोहार रेडिओ वाहिनी!"


जोहार रेडिओ वाहिनी आदिवासी बोलीभाषा, लोककथा, संगीत आणि परंपरा जपण्यासाठी कटीबद्ध आहे. लोप पावत चाललेल्या आदिवासी संस्कृतींचे संवर्धन ही वाहिनी करणार आहे. यामुळे पुढील पिढ्यांना या संस्कृतींचा वारसा अनुभवता येणार आहे. 


ग्रामीण आणि दुर्गम भागांतील लोकांपर्यंत आरोग्य, शिक्षण, रोजगार आणि शासकीय योजनांची माहिती पोहोचवण्याचे कार्य जोहार रेडिओ करील. "तुमच्यासाठी, तुमच्या बोलीत" ही या वाहिनीची खासियत आहे.



आदिवासी समाजाला आपल्या समस्या मांडण्यासाठी "आपला आवाज, आपला विचारमंच" मिळावा, यासाठी जोहार रेडिओ महत्त्वाची भूमिका बजावणार आहे. हा चॅनल संवाद, चर्चा आणि विचारांची देवाणघेवाण घडवून आणण्यासाठी प्रयत्नशील असेल.



आदिवासी शेतकरी, कारागीर आणि उद्योजकांना आपल्या उत्पादनांचा प्रचार करण्यासाठी जोहार रेडिओ एक प्रभावी साधन बनणार आहे यात काही शंका नाही. 


 विविध आरोग्य, पोषण, स्वच्छता आणि आजारांवरील कार्यक्रम प्रसारित करून समाजातील आरोग्य सुधारण्याचे कार्य करण्याचा मानस चर्चेतून दिसून आला.


"विविधतेत एकता जपणारा आदिवासी स्वाभिमानाचा ध्वज!" म्हणून आपण या माध्यमाकडे बघणे आवश्यक ठरणार आहे. विखुरलेल्या आदिवासी समुदायांना जोडून एकात्मता आणि सलोखा प्रस्थापित करण्यासाठी जोहार रेडिओ महत्त्वाचे कार्य करील यात शंका नाही.


नैसर्गिक आपत्ती किंवा संकटाच्या वेळी, तातडीची महत्त्वाची माहिती पोहोचवण्यासाठी जोहार रेडिओ एक प्रभावी माध्यम बनून पुढे येईल. परंतु यामध्ये आपल्या सर्वांच्या कृतिशील पाठिंब्याची गरज आहे. 



जोहार रेडिओ ही फक्त एक माध्यम वाहिनी नाही, तर आदिवासी समाजाचा सशक्त आवाज आहे. आपल्या समस्यांना मांडण्यासाठी, आपल्या संस्कृतीचे जतन करण्यासाठी आणि सक्षमीकरणाची वाट दाखवण्यासाठी जोहार रेडिओ हे महत्त्वाचे साधन आहे.


"आदिवासी समाजासाठी नवा प्रकाशस्तंभ – जोहार रेडिओ" या विश्वासाने आपण सर्वांनी या प्रयत्नाला पाठिंबा द्यायला हवा. समाजाच्या प्रगतीसाठी जोहार रेडिओ हा सशक्तीकरणाचा मार्ग आहे, जो प्रत्येकाला प्रेरणा देतो आणि बदलाची सुरुवात घडवतो.


हा रेडिओ चॅनल ऐकण्यासाठी खालील लिंकवर क्लिक करून ऍप डाऊनलोड करा....

जोहार रेडिओ चॅनल डाउनलोड लिंक


- राजू ठोकळ, Aboriginal Publication 



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आदिवासी एकता और सशक्तिकरण का मार्ग: जोहार रेडियो वाहिनी


धुले जिले के पानखेड़ा में आयोजित 32वें आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन का आयोजन बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। देश-विदेश के अनेक गणमान्य व्यक्ति, आदिवासी समाजबंधु और कलाकारों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। विभिन्न स्टॉल्स के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों की जीवनशैली और संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। इस आयोजन के दौरान, जो स्टॉल मुझे सबसे अधिक महत्वपूर्ण लगा, वह था जोहार रेडियो वाहिनी का स्टॉल।


सचिन सातवी के परिचय के माध्यम से मुझे ब्रिजेश भुसारा से बात करने का अवसर मिला। ब्रिजेश द्वारा दी गई जानकारी ने आदिवासी समाज के लिए इस रेडियो वाहिनी के महत्व को स्पष्ट किया। इसी कारण एक जिम्मेदार आदिवासी नागरिक के रूप में मैंने इस विषय पर लिखने का निर्णय लिया।


"आदिवासी सशक्तिकरण के लिए नई दिशा – जोहार रेडियो वाहिनी!"

जोहार रेडियो वाहिनी आदिवासी बोलीभाषा, लोककथाएं, संगीत और परंपराओं के संरक्षण के लिए समर्पित है। यह चैनल उन आदिवासी संस्कृतियों का संवर्धन करेगा, जो धीरे-धीरे लुप्त हो रही हैं। इसके माध्यम से अगली पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।


ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का कार्य जोहार रेडियो करेगा। "आपके लिए, आपकी बोली में" – यही इस वाहिनी की सबसे बड़ी विशेषता है।


आदिवासी समाज को अपनी समस्याओं को रखने के लिए "अपनी आवाज, अपना मंच" प्रदान करने में जोहार रेडियो एक अहम भूमिका निभाएगा। यह चैनल आदिवासी संवाद, चर्चा और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।


आदिवासी किसान, कारीगर और उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जोहार रेडियो एक प्रभावी साधन साबित होगा। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह चैनल आदिवासी समाज की आर्थिक प्रगति में योगदान देगा।


विभिन्न स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और बीमारियों से संबंधित कार्यक्रमों का प्रसारण कर समाज के स्वास्थ्य स्तर में सुधार करना इस चैनल का एक और प्रमुख उद्देश्य होगा।


"विविधता में एकता को संजोने वाला आदिवासी स्वाभिमान का ध्वज!" – इस दृष्टिकोण से हमें इस माध्यम को देखना चाहिए। जोहार रेडियो बिखरे हुए आदिवासी समुदायों को जोड़कर एकता और सद्भाव स्थापित करने का कार्य करेगा।

प्राकृतिक आपदाओं या संकट के समय, महत्वपूर्ण जानकारी को तुरंत लोगों तक पहुंचाने के लिए जोहार रेडियो एक प्रभावी माध्यम बनेगा। हालांकि, इसके लिए हम सभी के सक्रिय समर्थन की आवश्यकता होगी।



जोहार रेडियो केवल एक माध्यम नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज की सशक्त आवाज है। यह हमारे मुद्दों को उठाने, हमारी संस्कृति को संरक्षित करने और सशक्तिकरण का मार्ग दिखाने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है।


"आदिवासी समाज के लिए एक नया प्रकाशस्तंभ – जोहार रेडियो!" इस विश्वास के साथ हमें इस प्रयास का समर्थन करना चाहिए। यह चैनल समाज की प्रगति का एक ऐसा मार्ग है, जो हर व्यक्ति को प्रेरणा देता है और बदलाव की शुरुआत करता है।



इस चैनल को सुनने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और ऐप डाउनलोड करें...

https://joharair.webradiosite.com/


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Pathway to Tribal Unity and Empowerment: Johar Radio Channel


The 32nd Tribal Cultural Unity Convention was celebrated with great enthusiasm in Pankheda, Dhule district. The event saw the participation of dignitaries, tribal community members, and artists from India and abroad. Various stalls showcased the lifestyle and culture of tribal regions. Among all these stalls, the one that stood out to me the most was the Johar Radio Channel stall.


Through the introduction by Sachin Satavi, I had the opportunity to interact with Brijesh Bhusara. The information shared by Brijesh highlighted the significance of this radio channel for the tribal community. This inspired me, as a responsible member of the tribal society, to write about its importance.


"A New Direction for Tribal Empowerment – Johar Radio Channel!"


Johar Radio Channel is dedicated to preserving tribal languages, folk tales, music, and traditions. It aims to protect and promote the fading tribal cultures, ensuring that future generations can experience their rich heritage.


For people in rural and remote areas, Johar Radio will disseminate information about healthcare, education, employment opportunities, and government schemes. "For you, in your language" is the unique feature of this channel.


The channel will serve as a platform where the tribal community can raise their concerns and express their thoughts. "Your voice, your stage" will enable open dialogue, discussions, and the exchange of ideas.


Johar Radio will also prove to be an effective medium for tribal farmers, artisans, and entrepreneurs to promote their products and services. This will undoubtedly contribute to the economic development of the tribal community.


The channel plans to broadcast programs related to health, nutrition, hygiene and diseases, aiming to improve the overall well-being of the community.


"A flag of tribal pride that celebrates unity in diversity!" – This is how Johar Radio should be perceived. By connecting scattered tribal communities, it will foster a sense of unity and harmony.


During natural disasters or emergencies, Johar Radio will act as a reliable medium to quickly deliver vital information to the public. However, the success of this initiative requires the active support of all of us.



Johar Radio is not just a media channel; it is the empowered voice of the tribal community. It serves as a vital tool to address issues, preserve culture, and pave the way for empowerment.


"A new beacon of hope for the tribal community – Johar Radio!" With this belief, we must wholeheartedly support this initiative. It is a pathway to societal progress, inspiring every individual and sparking the beginning of change.


To tune in to this channel, click the link below and download the app...

https://joharair.webradiosite.com/


- Raajoo Thokal, Aboriginal Publication 





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आदिवासी विचार

आदिवासी विचार म्हणजे आदिवासी समाजाच्या जीवनमूल्ये, संस्कृती, परंपरा, आणि जगण्याच्या पद्धती यांचा अभ्यास व त्यांचे महत्त्व. आदिवासी समाज हा निसर्गाशी अत्यंत जवळचा असल्यामुळे त्यांच्या विचारसरणीत निसर्गसंवर्धन, सहजीवन, सामूहिकता आणि श्रमाला महत्त्व असते. आदिवासी विचार हे केवळ जीवनशैलीचे प्रतिबिंब नसून, समग्र मानवतेला शाश्वत जीवनाची शिकवण देतात.

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